सतभक्ति_साधना
Thursday, June 4, 2020
kabir prakat diwas
1DayLeft_KabirPrakatDiwas
ना मेरा जन्म न गर्भ बसेरा, बालक बन दिखलाया।
काशी नगर जल कमल पर डेरा, तहाँ जुलाहे ने पाया।
माता पिता मेरे कछु नाही, ना मेरे घर दासी।
जुलहे का सुत आन कहाया, जगत करे मेरी हांसी।।
KabirPrakatDiwasNotJayanti
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